ममता के गढ़ में हरदोई का लाल: पश्चिम बंगाल के नए मुख्य सचिव का यूपी के इस गांव से है गहरा नाता
भारी उथल पुथल के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव बनाए गए एचके द्विवेदी का हरदोई से गहरा नाता है। वे मूल रूप से हरदोई के पिहानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बसीठ के रहने वाले हैं। हालांकि उनकी पढ़ाई लिखाई प्रयागराज और लखनऊ में हुई, लेकिन उनका अपने पैतृक गांव से विशेष लगाव है।
कुछ माह पूर्व हुए एक मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल होने के लिए वे कुंवरपुर बसीठ आए थे। सोमवार को ही 1988 बैच के आईएएस हरे कृष्ण द्विवेदी को पश्चिम बंगाल का मुख्य सचिव बनाया गया है। इसकी जानकारी मिलते ही उनके पैतृक गांव कुंवरपुर बसीठ में खुशी की लहर दौड़ गई।
हरिकृष्ण द्विवेदी की बचपन की तस्वीर - फोटो : mshrivastav.blogspot.com
गांव में रहने वाले उनके करीबी रिश्तेदार राघव द्विवेदी ने बताया कि एचके द्विवेदी के पिता राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी प्रयागराज के साकेत महाविद्यालय में प्रोफेसर थे। वहीं एचके द्विवेदी की प्रारंभिक शिक्षा हुई। उच्च शिक्षा लखनऊ में हुई। 1987 में एचके द्विवेदी भारतीय विदेश सेवा के लिए चयनित हुए और अगले वर्ष यानी 1988 में आईएएस के लिए चयनित हो गए।
उन्हें बंगाल कैडर मिला था। पहली पोस्टिंग कालना में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर हुई थी। बाद में मुर्शिदाबाद, चौबीस परगना समेत कई जनपदों के डीएम रहे। एचके द्विवेदी के पिता व अन्य परिजन लखनऊ के गोमती नगर के विनय खंड स्थित आवास में रहते हैं।
राघव का दावा है कि आठ माह पहले गांव में हुए एक अन्नप्राशन संस्कार में शामिल होने के लिए एचके द्विवेदी गांव आए थे। गांव में उनका पैतृक मकान भी है। एचके द्विवेदी के मुख्य सचिव बनने की जानकारी पर चचेरे भाई राघव, उनकी मां रामरानी व अन्य परिजनों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।
उन्हें बंगाल कैडर मिला था। पहली पोस्टिंग कालना में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर हुई थी। बाद में मुर्शिदाबाद, चौबीस परगना समेत कई जनपदों के डीएम रहे। एचके द्विवेदी के पिता व अन्य परिजन लखनऊ के गोमती नगर के विनय खंड स्थित आवास में रहते हैं।
राघव का दावा है कि आठ माह पहले गांव में हुए एक अन्नप्राशन संस्कार में शामिल होने के लिए एचके द्विवेदी गांव आए थे। गांव में उनका पैतृक मकान भी है। एचके द्विवेदी के मुख्य सचिव बनने की जानकारी पर चचेरे भाई राघव, उनकी मां रामरानी व अन्य परिजनों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।

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